Agastya Maharishi, sage of Nadi astrology lineage

नाडी ज्योतिष केन्द्र मेरठ

Nadi Jyotish Kendra Meerut

प्राचीन ताम्र पत्र ज्योतिष — आपके भविष्य का सत्य, ऋषियों की वाणी में

Ancient Palm Leaf Astrology | Online Consultations via WhatsApp Video Call Across India

Vaitheeswaran Koil Certified  •  16 Adhyay Readings  •  100% Genuine

M.G. Raja Swami, chief Nadi astrologer from Vaitheeswaran Koil

मुख्य नाडी ज्योतिषी

एम. जी. राजा स्वामी

एम. जी. राजा स्वामी जी सीधे वैदीश्वरन कोइल, तमिलनाडु से आते हैं — जो नाडी ज्योतिष का जन्मस्थान है। प्राचीन अगस्त्य मुनि परंपरा में प्रशिक्षित, वे प्रामाणिक ताम्र पत्र (पाम लीफ) पाठ प्रदान करते हैं।


संपर्क: 08126564111
पता: 698/6, गायत्री अपार्टमेंट, साई 6, शास्त्री नगर, MP.G.I.S. स्कूल के पास, गेट-1, रंगोली मंडी, मेरठ – 250004

नाडी ज्योतिष क्यों?

प्राचीन ज्ञान

हजारों वर्ष पूर्व ऋषियों द्वारा लिखित। यह ज्ञान पीढ़ियों से संरक्षित है।

सटीक भविष्यवाणी

आपका नाम, माता-पिता के नाम पहले से ही पत्तों पर लिखे हुए हैं।

ऑनलाइन सेवा

पूरे भारत में WhatsApp वीडियो कॉल के माध्यम से परामर्श उपलब्ध।

प्रक्रिया कैसे होती है

Thumb impression used to identify the palm leaf bundle

चरण 1 — अंगूठे की छाप

WhatsApp के माध्यम से अंगूठे की छाप भेजी जाती है।

चरण 2 — पत्र की खोज

पाम लीफ बंडल की पहचान की जाती है — 7 से 10 बंडल खोजे जाते हैं।

चरण 3 — नाडी पाठ

पाठ तमिल में किया जाता है, हिंदी में अनुवादित।

चरण 4 — भविष्यवाणी

16 अध्याय में संपूर्ण जीवन की भविष्यवाणी।

16 अध्याय

आपके जीवन का संपूर्ण विवरण, अध्याय दर अध्याय

1. लग्न — स्वयं (नाम, परिवार, 12 राशियाँ)

2. धन — आँखें, परिवार, शिक्षा

3. भातृ — भाई-बहन, साहस

4. माता — घर, वाहन, भूमि

5. पुत्र — संतान, संतान प्राप्ति उपाय

6. रोग — शत्रु, ऋण, कचहरी

7. कलत्र — विवाह, दाम्पत्य जीवन

8. मृत्यु — आयु, दुर्घटना, मृत्यु का नक्षत्र

9. भाग्य — पिता, तीर्थयात्रा, पुण्य कर्म

10. कर्म — व्यवसाय, स्थान परिवर्तन

11. लाभ — दूसरा विवाह

12. व्यय — विदेश यात्रा, पुनर्जन्म, मोक्ष

13. शांति परिहार — पूर्वजन्म, पाप कर्म से मुक्ति

14. दीक्षी काण्ड — मंत्र जाप, शत्रु बाधा

15. औषध काण्ड — बीमारियों की जानकारी

16. दिशा भुक्ती काण्ड — दशा-उपदशा की जानकारी

नाडी क्या है?


प्राचीन भारत के ऋषियों ने अपनी दिव्य दृष्टि से मानवता के कल्याण हेतु अनेक विज्ञानों की खोज की। इन्हीं में से एक है नाडी ज्योतिष — जो ताम्र पत्रों और भोज पत्रों पर लिखी गई है। इन पत्रों पर प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की संपूर्ण भविष्यवाणी पहले से ही अंकित है। अंगूठे के निशान द्वारा आपका पत्र खोजा जाता है — प्रत्येक अंगूठे के निशान के लिए 7 से 10 बंडल हो सकते हैं और प्रत्येक बंडल में 50 से 100 पत्र होते हैं।

विशेष अध्याय


सामान्य जीवन की जानकारी के अतिरिक्त विशेष अध्याय जैसे शिव नाडी और सूक्ष्म काण्डम् से जीवन की घटनाओं का सम्पूर्ण विवरण जाना जा सकता है। इन विशेष अध्यायों में पूर्वजन्म के पाप कर्म, शांति के उपाय, मंत्र जाप, शत्रु बाधा निवारण एवं लंबी बीमारियों की औषधि की जानकारी भी मिलती है।

नाडी ज्योतिष का इतिहास


नाडी ज्योतिष का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। प्राचीन काल में महर्षि अगस्त्य, भृगु, वशिष्ठ, विश्वामित्र जैसे महान ऋषियों ने अपनी दिव्य दृष्टि से प्रत्येक मानव के जीवन की घटनाओं को ताम्र पत्रों और ताड़ के पत्तों पर अंकित किया। ये पत्र पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित होते आए हैं।

18वीं शताब्दी में तंजावुर के महाराज सरफोजी द्वितीय ने इन दुर्लभ पत्रों को एकत्रित कर सरस्वती महल पुस्तकालय में सुरक्षित किया। बाद में ये पत्र नाडी वाचकों के परिवारों को सौंपे गए जो पीढ़ियों से इस विद्या को संजोए आ रहे हैं। वैदीश्वरन कोइल इस विद्या का मुख्य केन्द्र माना जाता है।

नाडी ज्योतिष की विशेषता


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अद्वितीय पहचान

केवल आपके अंगूठे के निशान से आपका नाम, माता-पिता का नाम, वर्तमान परिस्थिति — सब कुछ पहले से लिखा हुआ मिलता है।

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प्राचीन प्रमाणिकता

यह विद्या किसी आधुनिक अनुमान पर नहीं, बल्कि हजारों वर्ष पूर्व ऋषियों द्वारा लिखे गए पत्रों पर आधारित है।

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कर्म और उपाय

केवल भविष्य जानना नहीं — पूर्वजन्म के कर्म, वर्तमान कठिनाइयों के कारण और उनके निवारण के उपाय भी बताए जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


Q: क्या नाडी ज्योतिष ऑनलाइन भी संभव है?

A: हाँ। आप WhatsApp के माध्यम से अपने अंगूठे की छाप भेज सकते हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सकती है।


Q: पुरुष और महिला के लिए कौन सा अंगूठा?

A: पुरुष के लिए दाहिने हाथ का और महिला के लिए बाएँ हाथ का अंगूठा उपयोग होता है।


Q: क्या मेरा पत्र मिलना जरूरी है?

A: नाडी में प्रत्येक व्यक्ति का पत्र नहीं होता। यदि आपका पत्र उपलब्ध हो तभी पाठ संभव है।


Q: पत्र खोजने में कितना समय लगता है?

A: सामान्यतः 1-2 घंटे लगते हैं। कभी-कभी एक से अधिक सत्र भी आवश्यक हो सकते हैं।


Q: क्या जन्म पत्रिका लानी जरूरी है?

A: नाडी पाठ के लिए जन्म पत्रिका सहायक होती है, परन्तु केवल अंगूठे की छाप से भी पत्र खोजा जा सकता है।

श्रद्धालुओं के अनुभव


⭐⭐⭐⭐⭐

“राजा स्वामी जी ने मेरा नाम, मेरे पिता का नाम और मेरी नौकरी की परिस्थिति बिना कुछ बताए सही सही बताई। मैं अचंभित रह गया। यह अनुभव अविश्वसनीय था।”

— रमेश कुमार, दिल्ली

⭐⭐⭐⭐⭐

“मेरे विवाह और संतान के बारे में जो भविष्यवाणी की गई थी वह बिल्कुल सटीक निकली। शांति काण्ड के उपाय करने के बाद जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।”

— सुनीता देवी, मेरठ

⭐⭐⭐⭐⭐

“ऑनलाइन सेवा बहुत सुविधाजनक रही। WhatsApp पर अंगूठे की छाप भेजी और पूरी प्रक्रिया घर बैठे हो गई। राजा स्वामी जी का ज्ञान और अनुभव अद्भुत है।”

— अनिल शर्मा, मुंबई

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मिलने की जानकारी


  • 📅 उपलब्धता: प्रतिदिन केवल 4 व्यक्तियों से ही मुलाकात की जाती है
  • 🕙 कार्य समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक
  • 📱 मोबाइल पर जानकारी: प्रातः 9:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक
  • ⚠️ समय बुकिंग: आने से पहले मिलने का समय लेना अनिवार्य है
  • 📜 जन्म पत्रिका: व्यक्ति अपनी जन्म पत्रिका साथ अवश्य लाएं
  • 📞 मोबाइल: 08126564111